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प्रदेश के वित्तमंत्री, श्री जयंत मलैया को “प्रदेश के आगामी बजट” पर चेम्बर ऑफ कॉमर्स द्वारा प्रेषित किया गया बजट पूर्व ज्ञापन ग्वालियर, 17 फरवरी । प्रदेश की विधानसभा में वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री, माननीय श्री जयंत मलैया जी द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले आगामी बजट 2018-19 में विभिन्न माँगों को शामिल किए जाने हेतु प्रति वर्ष की भांति इस बार भी चेम्बर ऑफ कॉमर्स द्वारा बजट पूर्व एक विस्तृत ज्ञापन प्रस्तुत कियागया चेम्बर द्वारा आज प्रस्तुत किए गए, बजट पूर्व ज्ञापन के बिन्दु निम्नानुसार हैं ः- * जीएसटी को ध्यान में रखते हुए, मण्डी शुल्क को समाप्त किया जाए * प्रदेश के बाहर से प्रसंस्करण हेतु मंगाए जाने वाले दलहन पर मण्डी शुल्क में छूट दी जाए * शहरी क्षेत्र में रजिस्ट्री पर बढ़ाए गए 1% शुल्क को वापिस लिया जाए साथ ही, रजिस्ट्री शुल्क को भी कम किया जाए । * पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के अन्तर्गत लाया जाए * स्टॉम्प ड्रूटी की दर कम की जाए साथ ही, लोन मोरगेज पर लगने वाली स्टॉम्प ड्यूटी को भी कम किया जाए । * सेल्स टेक्स और वैट में जमा एफडीआर की वापसी हेतु प्रावधान किया जाए : * ग्वालियर शहर की सड़कों के डामरीकरण हेतु बजट में धनराशि का विशेष प्रावधान किया जाए :

अन्यत्र प्रदेशों को दी जाने वाली विद्युत दर की भांति ही सस्ती दर पर प्रदेशवासियों को विद्युत उपलब्ध कराई जाए : चेम्बर वर्ष २०१८-१९ के लिए विद्युत वितरण कंपनियों द्बारा प्रस्तुत की गई टैरिफ पिटीशन पर चेम्बर ने भेजे सुझाव एवं आपत्तिया म.प्र के तीनों विद्युत वितरण कंपनियों द्बारा म.प्र. विद्युत नियामक आयोग के समक्ष आगामी वर्ष के लिए संयुक्त रूप से टैरिफ पिटीशन प्रस्तुत की गई है जिस पर नियामक आयोग द्बारा प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं से सुझाव/आपत्तियां मांगी गई हैं| इसी संदर्भ में आज म.प्र. चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री द्बारा अपने सुझाव/आपत्तियां म.प्र. विद्युत नियामक आयोग को प्रेषित किये गये हैं|चेम्बर ने अपनी आपत्तियों में लिखा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में मध्यप्रदेश बिजली की उपलब्धता में मांग से ज्यादा आपूर्ति की अवस्था में है और इस कारण वह म.प्र. से अन्यत्र प्रदेशों को भी विद्युत का विक्रय कर रहा है| म.प्र. से जो अन्यत्र प्रदेशों में विद्युत का विक्रय किया जा रहा है, वह मध्यप्रदेश में विक्रय की जाने वाली दरों से काफी कम दर पर किया जा रहा है| चेम्बर ने मांग की है कि अन्यत्र प्रदेश को विद्युत बेचने की तुलना में अपने ही प्रदेश के वासियों को इसका लाभ दिया जाना चाहिए और इसके लिए आवश्यक है कि जो भी टैरिफ निर्धारित किया जाये वह इस आधार पर निर्धारित किया जाये कि अगर उपयोग ज्यादा है तो दरें भी कम की जायें| जिस तरह से मोबाइल सेगमेंट में ज्यादा उपयोग करने पर दरें कम हो जाती हैं| चेम्बर ने टैरिफ पिटीशन पर भेजे सुझाव एवं आपत्तियों में निम्नलिखित बिन्दुओं को समाहित किया गया है:- * विद्युत बिल का सरलीकरण किया जाए ताकि एक सामान्य से सामान्य उपभोक्ता भी अपने बिल को समझ सके| * धर्मार्थ, नॉन प्रोफिटेबल संस्थायें/संगठन आदि के कार्यालय के लिए रियायती दर का टैरिफ बनाया जाए| * गोदाम के लिए विद्युत के उपयोग में न्यूनतम बिलिंग का प्रावधान समाप्त किया जाए| * अस्थायी कनेक्शन में स्वयं के निर्माण के लिए विद्युत का उपयोग करने पर न्यूनतम चार्ज एवं प्रति किलोवाट फिक्स चार्ज की दरें कम की जाना चाहिए| * घरेलू छोड़कर सभी तरह के उपभोक्ताओं के यहां यदि संयोजित भार, स्वीकृत भार से अधिक हो तो जुर्माने का प्रावधान है, जबकि कई बार अज्ञानता के कारण उपभोक्ता भार वृद्घि नहीं करा पाता है और बिजली कंपनी को भी इससे आर्थिक हानि भी नहीं होती है और ऐसी अवस्था में की गई बिलिंग को, उपभोक्ता की अज्ञानता का लाभ प्राप्त करने वाली बिलिंग कहा जाता है| अत:१० किलोवाट से कम अथवा १० किलोवाट तक संयोजित भार मिलने वाले उपभोक्ताओं को इस प्रावधान से अलग किया जाना चाहिए| * औद्योगिक उपभोक्ताओं को जो अनिवार्य मांग आधारित टैरिफ ही लागू किया गया है और जिन उपभोक्ताओं की संविदा मांग २५ एचपी तक रहती है, उन उपभोक्ताओं से निर्धारित टैरिफ से ३०% कम करके राशि वसूली जाती है| कई बार सतर्कता दल या अन्य एजेन्सी द्बारा चैक करने पर या अधिकतम मांग २५ एचपी से अधिक होने पर, उपभोक्ता पर ऑटोमेटिक पैनल बिलिंग होती है, इसके बावजूद भी अगर सतर्कता दल या अन्य एजेन्सी द्बारा किसी कनेक्शन को चैक किया जाता है तब ऐसी अवस्था में उसके ऊपर पूरे वर्ष भर की दर के अंतर की बिलिंग के साथ पैनल बिलिंग की जाती है जबकि टैरिफ में इस प्रकार का कोई निर्देश नहीं दिया गया है| अत: यह स्पष्ट किया जाए कि जब तक उपभोक्ता के परिसर का वास्तविक संयोजित भार २५ एचपी के ऊपर नहीं हो जाये तब तक उस पर वर्ष भर की बिलिंग नहीं की जा सकती| * मध्यप्रदेश देश व विदेश के कोने-कोने में जाकर प्रदेश के अंदर नया निवेश/उद्योग लाने के लिए लगातार प्रयत्नशील है और अपने प्रदेश की खूबियों को, प्रदेश में बिजली उपलब्धता का और प्रदेश में प्रचलित विद्युत दरों को अन्य प्रदेशों से कम होने की बात का बखान भी करती है और सभी सुविधाओं के बखान के बाद वह देश एवं विदेश के निवेश/उद्योग को आमंत्रित करती है| प्रदेश सरकार के इस प्रयास के बाद यदि कोई उद्योग प्रदेश की ओर आकर्षित होता है तो वह सबसे पहले यहां पूर्व से स्थापित उद्योगों से फीडबैक लेता है| जब यह फीडबैक अगर सकारात्मक न हो तो आने वाला निवेश/उद्योग रूक जाता है और सरकार के प्रयास विफल हो जाते हैं| वर्तमान परिप्रेक्ष्य में सरकार ने इस दिशा में बहुत अधिक प्रयास किये लेकिन वह प्रयास सफल नहीं हो सके जिसका प्रमुख कारण विद्युत दरें व टैरिफ स्ट्रक्चर (वसूलने का ढांचा) ही है अत: इसमें संशोधन किया जाना चाहिए|

#शोकश्रद्धांजलिसभा कृपया पधारे ओर श्रद्धासुमन अर्पित करे मप्र चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इन्डस्ट्री के कार्यकारिणी सदस्य श्री अनिल जी गुप्ता के आसमायिक निधन पर शोक श्रद्धांजलि सभा दिनांक 9 फरवरी 2018 शुक्रवार समय दोपहर 3 बजे चेम्बर भवन (डी पी मंडेलिया सभागार)

आगरा फोर्ट-अहमदाबाद एक्सप्रेस को ग्वालियर तक बढाया जाए : चेम्बर ऑफ कॉमर्स चेम्बर ने रेल मंत्री एवं रेल राज्यमंत्री, भारत सरकार को लिखा घोषणा पूरी करने के लिए स्मरण पत्र

भूमि भवन की गाइड लाइन में बदलाव के प्रस्ताव तैयार करते वक्त चेम्बर के सुझावों पर भी ध्यान दिया जाए जिला मूल्यांकन समिति के संयोजक ओर जिला पंजीयक ने चेम्बर की मांग पर वरिष्ठ उप पंजीयकों को जारी किए निर्देश

छोटे मूल्य वर्ग के नोट ओर सिक्को को जमा करने से इंकार नही कर सकती बैंक यदि कोई बैंक करती है इंकार तो शिकायत करे बैंकिंग लोकपाल को ओर सूचित करें म प्र चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री को चेम्बर की मांग पर रिजर्व बैंक ने किए जारी निर्देश

आगामी आदेश तक E-way बिल की बाध्यता समाप्त

26 जनवरी 2018 69वे गणतंत्र दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं म प्र चेम्बर ऑफ कॉमर्स में धूमधाम से मनाया गया

चेम्बर में स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन पर आयकर विभाग के इंटेलिजेंस एण्ड क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन की कार्यशाला सम्पन्न आयकर निदेशक मप्र छत्तीसगढ़ श्री अभयकुमार सिंह एवम सहायक निदेशक ग्वालियर एवम भोपाल श्रीमति ऋचा मिश्रा रही उपस्तिथ इस अवसर पर चेम्बर के द्वारा निकाले जानी वाली वार्षिक रेलवे समय सारिणी का भी किया विमोचन कार्यशाला के मुख्यांश 1.करेंट एकाउंट को छोड़कर अन्य किसी भी खाते में यदि एक वित्तीय वर्ष में 10 लाख से अधिक का नगदी जमा होता है तो बैंको को आयकर विभाग को स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंसियल ट्रांजेक्शन के माध्यम से सूचना देनी होगी 2.करेंट एकाउंट में यदि एक वित्तीय वर्ष में 50 लाख या उससे अधिक का नगदी जमा होता है तो बैंको को आयकर विभाग में स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंसियल ट्रांजेक्शन के माध्यम से सूचना देनी होगी 3.किसी भी संपत्ति की रजिस्ट्री यदि 30 लाख से अधिक की होती है तो रजिस्ट्रार को आयकर विभाग को स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंसियल ट्रांजेक्शन के माध्यम से सूचना देनी होगी 4.जिस किसी भी कारोबारी का कारोबार एक वित्तीय वर्ष में 2 करोड़ ओर उससे अधिक का होता है तो उसे 44A के अंतर्गत स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंसियल ट्रांजेक्शन के माध्यम से सूचना देनी होगी जिसमे यदि कोई ट्रांजेक्शन में दो लाख या उससे अधिक का नगदी का व्यवहार है तो उसकी सूचना और यदि यह नही भी है तो निल की सूचना देनी होगी 5.कोई एक इवेंट या एक विक्रय बिल में दो लाख या उससे अधिक का नकद व्यवहार होता है तो नगदी राशि लेने वाले को आयकर विभाग को स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंसियल ट्रांजेक्शन के माध्यम से सूचना देनी होगी 6.यह सारी सूचनाएं वित्तीय वर्ष की सामाप्ति के उपरांत 31 मई तक देना होगी 7.ऐसी कोई भी जानकारी छिपाई जाती है तो विभाग नोटिस देकर अधिकतम तीस दिवस में जानकारी लेगा उसके उपरांत आर्थिक दंड भी लगा सकेगा आयकर विभाग के Intelligence & Criminal Investigation के आयकर निदेशक श्री अभय कुमार सिंह जी ने अपील की है कि असुविधा से बचने के लिए बैंक/डिजिटल के माध्यम से संव्यवहार करे ओर अधिक विस्तार से जानकारी के लिए Madhya Pradesh Chamber Of Commerce & Industry के फेसबुक पेज या चेम्बर की वेवसाइट Www.mpcci.com से ले सकते है

आयकर विभाग (Statement Of Financial Transaction) क्या क्या सावधानी रखनी चाहिए ट्रांजेक्शन में? कौनसे Transaction होते हैं आयकर विभाग में रिपोर्ट ? क्या क्या असुविधा हो सकती है नियम विरूद्ध Transaction में महत्वपूर्ण कार्यशाला मुख्य रूप से उपस्तिथ रहेंगे आयकर निदेशक (मप्र छत्तीसगढ़) माननीय श्री अभय कुमार सिंह जी सहायक निदेशक एवम आसूचना एवम आपराधिक अन्वेषण अधिकारी माननीया श्रीमती ऋतु मिश्रा जी एवम उनकी टीम देँगे जानकारी करेंगे आपकी जिज्ञासाओं का समाधान कृपया पधारे ओर चर्चा में भाग ले 17 जनवरी बुधवार सायँ 4.30 बजे चेम्बर भवन निवेदक मप्र चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री ग्वालियर

युवाओं के प्रेरणा श्रोत,वेदान्त के आध्यात्मिक गुरु स्वामी विवेकानन्द जी की जयन्ती पर कोटि - कोटि नमन ।

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